Mann ki Baat: जल पक्षियों की संख्या बढ़ने पर पीएम मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त की

नई दिल्ली (लोकसत्य)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काजीरंगा नेशनल पार्क में जल पक्षियों की संख्या बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर अपने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि अभी दो-तीन सप्ताह पहले ही सर्वे फिर हुआ है। आपको भी ये जानकर खुशी होगी कि इस बार जल पक्षियों की संख्या, पिछले वर्ष की तुलना में करीब 175 प्रतिशत ज्यादा आई है। इस गणना के दौरान काजीरंगा नेशनल पार्क में पक्षियों की कुल 112 प्रजातियों को देखा गया है।

आपको बता दे कि इनमें से 58 प्रजाति यूरोप, मध्य एशिया और पूर्वी एशिया सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए प्रवासी पक्षियों की हैं। इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि यहाँ बेहतर जल संरक्षण होने के साथ मानव हस्तक्षेप बहुत कम है। काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व अथाॅरिटी कुछ समय से सालाना गणना करती आ रही है। इस गणना से जल पक्षियों की संख्या का पता चलता है और उनके पसंदीदा रहने के स्थान की जानकारी मिलती है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “असम के जादव पायेन्ग को ही देख लीजिये। आप में से कुछ लोग उनके बारे में जरूर जानते होंगे। अपने कार्यों के लिए उन्हें पद्म सम्मान मिला है। जादव पायेन्ग वो शख्स हैं जिन्होंने असम में मजूली आइलैंड में करीब 300 हेक्टेयर वृक्षारोपण में अपना सक्रिय योगदान दिया है।”

असम में मंदिर भी, प्रकृति के संरक्षण में, अपनी अलग ही भूमिका निभा रहे हैं, यदि आप, हमारे मंदिरों को देखेंगे, तो पाएंगे कि हर मंदिर के पास तालाब होता है। हजो स्थित हयाग्रीव मधेब मंदिर, शोणितपुर के नागशंकर मंदिर और गुवाहाटी स्थित उग्रतारा मंदिर के पास इस प्रकार के कई तालाब हैं। इनका उपयोग विलुप्त होते कछुओं की प्रजातियों को बचाने के लिए किया जा रहा है। असम में कछुओं की सबसे अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। मंदिरों के ये तालाब कछुओं के संरक्षण, प्रजनन और उनके बारे में प्रशिक्षण के लिए एक बेहतरीन स्थल बन सकते हैं।

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